धर्मअध्यात्म

सहज योग आज का महायोग, कैसे करें ध्यान
मैने कई बार देखा है कि ध्यान करते समय अगर कोई चक्र पकड़ता है तो लोगों का ध्यान वहीँ लगा रहता है, अब आपको बिलकुल भी चिंता नहीं करनी है, आप उसे जाने दीजिये और वह अपने आप कार्य करेगा। आपको कोई kriya नहीं करनी है, यही है ध्यान। ध्यान का मतलब है स्वयं को भगवान की कृपा पर छोड़ देना। यही कृपा जानती है कि आपको किस तरह से ठीक करना है, इसे ज्ञान है कि आपको किस तरह सुधारना है। आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है कि आप को क्या करना है। कौन से मन्त्र का उच्चारण करना है। आपको ध्यान में पूर्ण निष्क...आगे पढ़े
Post by राजीव तिवारी on 11/14/2018

बल बुद्धि विद्या ही नहीं इन उपायों को करने से धन भी देते हैं श्री हनुमान

आज देश और दुनिया भर में श्री हनुमान जी की जयंती मनाई जा रही है. इस दिन श्री हनुमान जी का जन्म हुआ था इसलिए हम इसे श्री हनुमान जन्मोत्सव के रूप में मनाएं तो उत्तम होगा। श्री हनुमान जी के बारे में प्रचलित है की वे बल बुद्धि विद्या के दाता हैं जैसा की श्री हनुमान चालीसा में भी लिखा गया है लेकिन श्री हनुमान जी धन प्रदाता भी हैं.  श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर अगर हम कुछ उपाय करें तो अवश्य ही  हैं मनवांछित धनलाभ करते  हैं.

हनुमान जयंती के टोटके विशेष फल प...आगे पढ़े

Post by राजीव तिवारी on 04/11/2017

श्रीराम कथा में है कलियुग की समस्याओं का समाधान - विद्याभाष्कर जी महाराज

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित  वृन्दावन कॉलोनी के सेक्टर 11 आ 1167 स्थित श्री पीताम्बरा शक्ति पीठम में कौशलेश  सदन अयोध्या रामानुजाचार्य वासुदेवाचार्य विद्याभाष्कर जी का आगमन हुआ. 

श्री पीताम्बरा शक्ति पीठम संस्था के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार चतुर्वेदी ने विद्याभाष्कर महाराज का पूजन कर उनका सत्कार किया. अपने आशीर्वचन में विद्याभाष्कर महाराज ने श्री रामकथा के माध्यम से वर्तमान समय की समस्याओं के निराकरण की व्याख्या की. उन्होंने जीवन को सार्थक बनाने में म...आगे पढ़े

Post by राजीव तिवारी on 04/08/2017

रामनवमी विशेष - राम ने दिया था अपने प्राणों से प्यारे छोटे भाई लक्ष्मण को मृत्युदंड

रामायण में एक घटना का वर्णन आता है की श्री राम को न चाहते हुए भी जान से प्यारे अपने अनुज लक्ष्मण को मृत्युदंड देना पड़ता है। आइये जानते है, आखिर क्यों भगवान राम को लक्ष्मण को मृत्युदंड देना पड़ा?

 ये घटना उस वक़्त की है जब श्री राम लंका विजय करके अयोध्या लौट आते है और अयोध्या के राजा बन जाते है। एक दिन यम देवता कोई महत्तवपूर्ण चर्चा करने श्री राम के पास आते है। चर्चा प्रारम्भ करने से पूर्व वो भगवान राम से कहते है की आप जो भी प्रतिज्ञा करते हो उसे पूर्ण करते हो। मैं भी आपसे एक ...आगे पढ़े

Post by राजीव तिवारी on 04/05/2017

माँ सिद्धिदात्री के इस मंत्र से मिलती हैं आठ प्रकार की सिद्धियां

सिद्ध गन्धर्व यज्ञद्यैर सुरैर मरैरपि |

सेव्यमाना सदा भूयात्‌ सिद्धिदा सिद्धि दायिनी ||

 नवरात्री पूजा के नौवें दिन माँ सिद्धिदात्री की पूजा अर्चना की जाती है. माँ दुर्गा की नवीं शक्ति का नाम सिद्धिदात्री है। मार्कण्डेय पुराण में अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व एवं वशित्व ये आठ सिद्धियाँ बताई गई हैं। इन सभी सिद्धियों को देने वाली यही सिद्धिदात्री माँ हैं। संसार में सभी वस्तुओं को सहज और सुलभता से प्र...आगे पढ़े

Post by राजीव तिवारी on 04/05/2017

माँ महागौरी के इस मन्त्र से भक्तों के असम्भव कार्य भी होते हैं सम्भव

नवरात्र के आठवें दिन यानी दुर्गा अष्टमी के दिन महागौरी की पूजा की जाती है। देवी दुर्गा के नौ रूपों में महागौरी आठवीं शक्ति स्वरूपा हैं। महागौरी आदि शक्ति हैं इनके तेज से संपूर्ण विश्र्व प्रकाश-मान होता है इनकी शक्ति अमोघ फलदायिनी है। महागौरी की अराधना से भक्तों को सभी कष्ट दूर हो जाते हैं तथा देवी का भक्त जीवन में पवित्र और अक्षय पुण्यों का अधिकारी बनता है। नवरात्र के दसों दिन कुवारी कन्या भोजन कराने का विधान है परंतु अष्टमी के दिन का विशेष महत्व है। इस दिन को महाअष्टमी भी कहा जाता है। ...आगे पढ़े

Post by राजीव तिवारी on 04/04/2017

इस विधि से पूजा करने पर सदैव शुभ फल देती हैं माँ कालरात्रि

नवरात्री पूजा के सातवें दिन माँ कालरात्रि की उपासना की जाती है। दुर्गाजी की सातवीं शक्ति कालरात्रि के नाम से जानी जाती हैं। माँ कालरात्रि का स्वरूप देखने में अत्यंत भयानक है लेकिन ये सदैव शुभ फल ही देने वाली हैं। इसी कारण इनका एक नाम शुभंकरी भी है। इनसे भक्तों को किसी प्रकार भी भयभीत अथवा आतंकित होने की आवश्यकता नहीं है। 

माँ कालरात्रि दुष्टों का विनाश करने वाली हैं। दानव, दैत्य, राक्षस, भूत, प्रेत आदि इनके स्मरण मात्र से ही भयभीत होकर भाग जाते हैं। ये ग्रह-बाधाओं को भी दूर करने...आगे पढ़े

Post by राजीव तिवारी on 04/03/2017

अर्थ, धर्म, काम, मोक्ष की दात्री हैं माँ कात्यायनी

जय गणपति सुप्रभात - चैत्र नवरात्रि षष्ठम दुर्गा : श्री कात्यायनी 

चन्द्रहासोज्जवलकरा शार्दूलावरवाहना।
कात्यायनी शुभं दद्यादेवी दानव घातिनी॥

श्री दुर्गा का षष्ठम् रूप श्री कात्यायनी। नवरात्री पूजा के छठवें दिन इनके इसी स्वरुप की उपासना की जाती है। माँ कात्यायनी की भक्ति और उपासना द्वारा मनुष्यों को बड़ी सरलता से अर्थ, धर्म, काम, मोक्ष चारों फलों की प्राप्ति हो जाती है। नवरात्रि के 6 दिन देवी कात्यायनी के रूप में मां दुर्गा की पूजा इसक...आगे पढ़े

Post by अनिल नायक on 04/02/2017

माँ स्कन्दमाता की पूजा से भक्तों की सारी इच्छाएं होती हैं पूरी

 सिंहसनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया। शुभदास्तु सदा देवी स्कंदमाता यशस्विनी॥

मां दुर्गा का पांचवा स्वरूप स्कंदमाता है, इनकी अराधना से संतान और धन की प्राप्ति होती है। इनकी पूजा से मोक्ष का मार्ग सुलभ होता है। यह देवी विद्वानों और सेवकों को पैदा करने वाली शक्ति है। यानी चेतना का निर्माण करने वालीं। नवरात्र का पांचवा दिन मां स्कंदमाता के नाम होता है। मां के हर रूप की तरह ...आगे पढ़े

Post by राजीव तिवारी on 04/01/2017

माँ कुष्मांडा को प्रसन्न करने के लिए करें इस श्लोक का जप

या देवी सर्वभूतेषु माँ कूष्माण्डा रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

 नवरात्रि में हर दिन मां के अलग-अलग रूपों की पूजा होती है जो खुशी, शांति, शक्ति और ज्ञान प्रदान करते हैं। माँ की आराधना करने से भक्तों के सभी रोग दुःख नष्ट हो जाते हैं। इनकी भक्ति से आयु, यश, बल और धन प्राप्त होता है। नवरात्र में चतुर्थ दिन माँ कूष्मांडा की पूजा होती है जिससे आयु, यश, बल व धन प्राप्त होता है.  माँ कूष्मांडा को प्रसन्न करने के लिए भक्त को इस श्लोक ...आगे पढ़े

Post by राजीव तिवारी on 03/31/2017

ऐसे करें माँ ब्रह्मचारिणी को प्रसन्न

जय गणपति सुप्रभात 
चैत्र नवरात्रि द्वितीय दुर्गा : श्री ब्रह्मचारिणी

दधना कर पद्याभ्यांक्षमाला कमण्डलम।
देवी प्रसीदमयी ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥

नवरात्र के दूसरे दिन मां दुर्गा के ब्रह्मचारिणी स्वरूप का पूजन किया जाता है। मां के नाम में समाविष्ट ब्रह्म शब्द के पीछे भी गूढ़ संदेश है। वे त्याग और तपस्या की देवी हैं, इसलिए उन्हें ब्रह्मचारिणी कहा जाता है। शास्त्रों के अनुसार, वे सभी वेद-शास्त्रों और ज्ञान की ज्ञाता हैं। उनका स्वरूप अत्...आगे पढ़े

Post by अनिल नायक on 03/30/2017

ज्यादा फल पाने के लिए ऐसे करें नवरात्री में माँ की आराधना

वन्दे वांछित लाभाय चन्द्रार्द्वकृत शेखराम।
वृषारूढ़ा शूलधरां शैलपुत्री यशस्विनीम॥

चैत्र नवरात्रि प्रथम दिवस। मां शैलपुत्री हमसबकी मनोकामना पूर्ण करें। श्री दुर्गा का प्रथम रूप श्री शैलपुत्री हैं। पर्वतराज हिमालय की पुत्री होने के कारण ये शैलपुत्री कहलाती हैं। नवरात्र के प्रथम दिन इनकी पूजा और आराधना की जाती है। गिरिराज हिमालय की पुत्री होने के कारण भगवती का प्रथम स्वरूप शैलपुत्री का है, जिनकी आराधना से प्राणी सभी मनोवांछित फल प्राप्त क...आगे पढ़े

Post by अनिल नायक on 03/28/2017

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