फ्री फ्लैप सर्जरी से दिया नया जीवन, लोहिया संसथान के डॉक्टरों ने
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लोहिया संस्थान  के सर्जन डॉक्टरों की टीम जिसमे डा. आशीष सिंघल, डॉ.  अखलाख हुसैन , डॉ. विवेक, डॉ .अंकुर वर्मा ,डॉ.  नवनीत त्रिपाठी समेत  एनेस्थीसिया टीम में निदेशक डा दीपक मालवीय और डॉ पी  के दास  शामिल थे। आंको सर्जरी विभाग के हेड डॉ आशीष सिंघल ने बताया की बलरामपुर जिले के मगईपुर गांव से आये अली हसन(63 ) जब लोहिया संस्थान  पंहुचे तो उनकी जीभ के  भीतरी  हिस्से तक कैंसर फ़ैल चुका  था। मरीज़ को फ्री फ्लैप सर्जरी की मदद से 10 जनवरी को सर्जरी की गयी। उन्होंने बताया की 6 घंटे चली इस जटिल सर्जरी को मेडीकल भाषा में ग्लोसेक्टॉमी कहा जाता है इसमें सबसे पहले जीभ के बायीं तरफ वाले कैंसरग्रस्त हिस्से को काटकर निकाला  गया। गले की नसों को भी कैंसर कोशिकाओं ने घेर लिया था ,उन्हें भी निकल दिया गया। इसके बाद बाये हाथ से 15 गुणा 7 सेमी  मांस  निकाला  गया और उससे जीभ का हिस्सा तैयार किया गया। नयी जीभ बनाने के बाद उसे फिक्स किया गया।  मरीज की सर्जरी में 50  हज़ार रुपये का खर्च आया है। निजी सेंटर पर इस सर्जरी के 5 लाख खर्च होते। डॉ।  आशीष  के अनुसार जीभ की बारीक़ कोशिकाओं से हाथ के मांस से बनी जीभ को जोड़ना चुनौतीपूर्ण था। एक कोशिका से भी रक्त के प्रवाह में किसी तरह का अवरोध होता तो ऑपरेशन फेल हो जाताऔर मरीज़ के नए हिस्से की जीभ में सड़न  के साथ संक्रमण बढ़ जाता। इसे देखते हुए बारीकी के साथ ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप से कोशिकाओं को देखा गया और उसे जोड़ा गया  इस तरह की सर्जरी लोहिया संस्थान  में पहली बार हुई है। 

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