ज्यादा फल पाने के लिए ऐसे करें नवरात्री में माँ की आराधना
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वन्दे वांछित लाभाय चन्द्रार्द्वकृत शेखराम।
वृषारूढ़ा शूलधरां शैलपुत्री यशस्विनीम॥

चैत्र नवरात्रि प्रथम दिवस। मां शैलपुत्री हमसबकी मनोकामना पूर्ण करें। श्री दुर्गा का प्रथम रूप श्री शैलपुत्री हैं। पर्वतराज हिमालय की पुत्री होने के कारण ये शैलपुत्री कहलाती हैं। नवरात्र के प्रथम दिन इनकी पूजा और आराधना की जाती है। गिरिराज हिमालय की पुत्री होने के कारण भगवती का प्रथम स्वरूप शैलपुत्री का है, जिनकी आराधना से प्राणी सभी मनोवांछित फल प्राप्त कर लेता है। आज नवरात्र के पहले दिन आपको मां के शैलपुत्री स्वरूप की आराधना करनी है.आज मां के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा करने से आपकी कई मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं.सबसे पहले जान लीजिए कि

कौन हैं मां शैलपुत्री।

शैलपुत्री पर्वतराज हिमालय की बेटी हैं. पिछले जन्म में इनका नाम सती थी और  ये भगवान शिव की पत्नी थी. सती के पिता दक्ष प्रजापति ने भगवान शिव का अपमान कर दिया था. इसी कारण सती ने अपने आपको यज्ञ अग्नि में भस्म कर लिया. अगले जन्म में यही सती शैलपुत्री बनी और भगवान शिव से ही विवाह किया। आज मां शैलपुत्री आपको तमाम बीमारियों से छुटकारा दिला सकती हैं. आज मां शैलपुत्री की पूजा करने से आपको सेहत का वरदान मिल सकता है

सेहतमंद बनाएंगी मां शैलपुत्री
माँ शैलपुत्री को सेहत की देवी माना जाता है.
मां शैलपुत्री की पूजा से कुछ खास बीमारियां ठीक हो सकती हैं.
मां शैलपुत्री कृपा कर दें तो दिल की बीमारियों से मुक्ति मिल सकती है.
मां शैलपुत्री की पूजा करने से आंखों की हर तरह की समस्या दूर हो सकती है.

आज से शुरू हो गए चैत्र नवरात्र। कल ही से विक्रमी संवत की शुरुआत हुई। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है.क्या है मां शैलपुत्री की महिमा इस बारे में आपको बताएंगे उससे पहले ये जान लीजिए कि पहले दिन आपको नवरात्रि की पूजा की शुरुआत कैसे करनी है.आइए आपको बताते हैं कि आपको मां की पूजा किस तरह से करनी है.

कैसे करें पहले नवरात्र पर पूजा

आज कलश स्थापन करें.
कलश में मिट्टी डालकर उसमें जौ बोएं.
मां के सामने अखंड ज्योति जलाएं.
सुबह शाम मां की पूजा और आरती करें.

कलश की स्थापना का शुभ मुहूर्त है
कलश की स्थापना आश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को की जाती है।

 नवरात्रि में कैसे रखें व्रत

नवरात्र में बहुत से लोग व्रत रखते हैं.आइए अब ये भी बताते हैं कि नवरात्र में किस तरह से व्रत रखना चाहिए
आज से नौ दिनों का उपवास भी रख सकते है और दो दिनों का भी. व्रत में सात्विक खाना खाएं. व्रत के दौरान जौ,जल और फल का सेवन करें

अब हम आपको बताने वाले हैं एक खास मंत्र

ॐ आदित्याय नमः का जाप करें. आज इस मंत्र के जाप और मां शैलपुत्री की आरधना से आप अपनी समस्याओं से भी मुक्ति पा सकते हैं और आपको सेहत का वरदान भी मिल सकता है.तो डूब जाइए मां की भक्ति में क्योंकि यही है मां की कृपा पाने का सबसे उत्तम समय है.  10:04 AM, 3/29/2017

चैत्र नवरात्र 2017 29 मार्च - भारतीय नववर्ष विक्रमी  संवत 2074 प्रारम्भ
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29 मार्च - बुधवार - पहला/दूसरा नवरात्र
30 मार्च - गुरूवार - तीसरा नवरात्र
31 मार्च - शुक्रवार - चौथा नवरात्र
01 अप्रैल - शनिवार - पांचवा नवरात्र
02 अप्रैल - रविवार - छठा नवरात्र
03 अप्रैल - सोमवार - सातवाँ नवरात्र
04 अप्रैल - मंगलवार - माँ दुर्गा अष्टमी
05 अप्रैल - बुधवार - श्री राम नवमी

जय माता दी''जयमाता दी''जयमाता दी

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