संजू सैमसन हो सकते हैं टीम इंडिया में विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में धौनी का विकल्प
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क्या इंडियन क्रिकेट को  शिखर  पर ले जाने वाले पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी का विकल्प मिल गया है. जवाब निश्चित रूप से हाँ होगा क्योंकि विराट कोहली के रूप में टीम इंडिया निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है. लेकिन हम बात कर रहे हैं एक बल्लेबाज विकेटकीपर के रूप में  धौनी की. धौनी द्वारा क्रिकेट  सभी फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने के बाद से लगातार ये सवाल उठ रहा है की एक बल्लेबाज विकेटकीपर के रूप में धौनी का विकल्प क्या होगा। तो अब हमारा जवाब है की अब धौनी के इस रूप का भी विकल्प मिल गया है. ये हैं केरल के संजू सैमसन जिन्होने आईपीएल में मंगलवार को दिल्ली  शानदार  सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है। संजू जितने बेहतरीन बल्लेबाज हैं उतने शानदार विकेटकीपर भी हैं.  उम्मीद टीम इंडिया के चयनकर्ता धौनी के विकल्प के रूप में संजू पर ध्यान  जरूर देंगे।

एक नजर संजू सैमसन के अब तक के कैरियर पर 

संजू सैमसन ने पुणे में मंगलवार को 2017 आईपीएल का पहला शतक मारा. 22 साल के इस खिलाड़ी ने दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए 63 बॉल पर 102 रनों की शानदार पारी खेली. संजू की बदौलत ही दिल्ली ने राइजिंग पुणे सुपरजाइंट के ख़िलाफ़ चार विकेट खोकर 205 रन का स्कोर खड़ा किया और पुणे को 97 रनों से हार का सामना करना पड़ा. दाएं हाथ के इस बल्लेबाज़ का ट्वेंटी20 क्रिकेट में पहला शतक है. इस पारी में संजू ने 8 बेहतरीन चौके और पांच ऊंचे छक्के भी मारे. आईपीएल में संजू के नाम पांच अर्धशतक हैं. दिल्ली डेयरडेविल्स ने जब अपनी ओपनिंग बल्लेबाज़ी खो दी थी तब संजू ने यह ज़िम्मेदारी संभाली. इससे पहले ट्वेंटी20 में संजू का उच्चतम स्कोर 87 रन था. यह पारी संजू ने 2015-16 में झारखंड के ख़िलाफ़ मुश्ताक अली ट्रॉफ़ी में खेली थी. अप्रैल 2012 के बाद से दिल्ली डेयरडेविल्स ने 200 से ज़्यादा रन नहीं बनाए थे. संजू की पारी की बदौलत दिल्ली ने इस सीमा को तोड़ दिया. 

कौन हैं संजू सैमसन 

संजू का जन्म 11 नंवबर 1994 को केरल में तिरुवनन्तपुरम के पुलुविला में हुआ था. संजू एक बढ़िया विकेट कीपर भी हैं. उन्हें केरल का एक उभरता हुआ चेहरा माना जा रहा है. संजू बैटिंग और विकेट कीपिंग दोनों में तकनीकी रूप से बढ़िया माने जाते हैं. संजू की फर्स्ट क्लास क्रिकेट में एंट्री 17 साल की उम्र में केरल के लिए विदर्भ के ख़िलाफ़ हुई थी. संजू ने अपना प्रभाव तत्काल ही छोड़ दिया था. केरल के लिए खेलते हुए संजू ने दो शतक और एक अर्द्धशतक मारे थे. 2012 में संजू को कोलकाता नाइट राइडर्स में जगह मिली पर उन्हें खेलने का मौक़ा नहीं मिला था. 2013 में जब संजू राजस्थान रॉयल्स के लिए खेले तो उन्होंने अप्रत्याशित प्रदर्शन किया

संजू उन विरले खिलाड़ियों में से थे जिन्होंने राष्ट्रीय टीम के लिए नहीं खेला था फिर भी आईपीएल में मौक़ा मिलता रहा. यहां तक की 2014 के आईपीएल में भी संजू ने बढ़िया प्रदर्शन किया. राजस्थान रॉयल्स में इन्हें बढ़िया मौक़ा मिला. वह अक्सर तीसरे नंबर पर बैटिंग करने आते थे. संजू को अंडर-19 टीम का प्रतिनिधित्व करने के लिए यूएई भेजा गया. यहां भी संजू ने चयनकर्ताओं को निराश नहीं किया. इंडिया की तरफ़ से संजू सबसे ज़्यादा रन बटोरने वाले खिलाड़ी थे. इंडिया की तरफ़ से वह एकलौते खिलाड़ी थे जिन्होंने तीन अर्द्धशतक मारे थे. यहां तक कि पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा रन हासिल करने वाले ख़िलाड़ियों में वह छठे नंबर पर थे. हालांकि इसके बावजूद भी भारत सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच पाया था.

संजू और द्रविड़ 

सैमसन को बनाने में राहुल द्रविड़ का बड़ा हाथ रहा है. आईपीएल-7 में राहुल द्रविड़ जब राजस्थान रॉयल्स के सलाहकार थे तब संजू को खेल के लिए तब के राजस्थान के कप्तान राहुल द्रविड़ से तारीफ़ मिली थी.तभी उन्होंने कहा था कि आने वाले वक़्त में संजू भारत के लिए एक बढ़िया खिलाड़ी के रूप में दस्तक देंगे. आईपीएल में बढ़िया प्रदर्शन के कारण सैमसन को 2015 में ज़िम्बॉब्वे के लिए चुना गया था. इंडिया के लिए टी-20 में उन्हें पहली बार जगह मिली थी और संजू ने 19 रन बनाए थे. द्रविड़ जब दिल्ली डेयरडेविल्स के मुख्य कोच बने तो उन्होंने एक बार फिर से संजू पर भरोसा किया. 2016 में ही संजू को राहुल ने दिल्ली की टीम में शामिल कराया और उन्होंने विकेट कीपर की ज़िम्मेदारी दी. संजू टीम के सबसे ज़्यादा रन बनाने वालों में तीसरे नंबर पर थे.

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JimmiNil
11/29/2017 2:01:54 AM
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