महाशिवरात्रि पर साक्षात् शिवजी ने हवन में आहुति स्वीकारी, कुंड में दिखा प्रतिबिम्ब
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भगवान् हमारे अंदर भी हैं और बाहर भी.  सनातन धर्म में प्रकृति के कण कण में ईश्वर ही वास बताया गया है. वैसे तो ईश्वर का अनुभव ही किया जा सकता है मगर कभी कभी उनकी कृपा से उनका प्रतिबिब भी भक्तों को प्रकृति के विभिन्न रूपों में देखने को मिल जाता है.  ऐसी ही झलक इस बार महाशिवरात्रि पर देखने को मिली जब हवनकुंड की अग्नि में साक्षात् शिवजी आहुति को स्वीकारते दिखे। इसका अनुभव तो वहां साधक कर रहे थे वहां पर चैतन्य के प्रवाह से मगर बाद में जब हवन की फोटो देखी गयी तो साक्षात् शिव के ही दर्शन हो गए.

जी हाँ, महाशिवरात्रि के अवसर पर राजधानी लखनऊ वृन्दावन कॉलोनी के सेक्टर 11 आ 1167 स्थित पीताम्बरा शक्ति पीठम में देश के आसुरी शक्तियों के उन्मूलन और नैतिक शक्तोयों के उत्थान के उद्देश्य से तंत्रात्मक अनुष्ठान का आयोजन किया गया था. संस्था के अध्यक्ष डॉ. मनोज चतुर्वेदी की अगुआई में  विद्वानों ने  विभिन्न अनुष्ठानों को सम्पन्न  कराया। इस दौरान ईश्वरीय उपथिति वातावरण में आनंदमय चैतन्य लहरियों (वाइब्रेशन्स ) को बिखेर रही थी. जिसे वहां मौजूद साधकों ने भी अनुभव किया। अनुष्ठान का समापन हवन  के द्वारा हुआ. हवंन के बाद आरती हुई और प्रसाद का वितरण किया गया. 

इस पुरे अनुष्ठान के दौरान ली गयी तस्वीरों को जब देखा गया तो साधकों के आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा. हवन के दौरान कई फोटो में साक्षात् ईश्वरीय प्रतिबिम्ब स्पष्ट दिखा। जिसमे आदि शिव और शक्ति को साफ तौर पर पहचान जा सकता है. अंत में एक बात स्पष्ट कर देना आवश्यक है की ईश्वर को न मानने वाले को ये बात मनगढ़ी लग सकती है और ऐसे लोग इसके पीछे  आधुनिक विज्ञानं के तर्क भी देते हैं. लेकिन मैं दृढ़ता से कह सकता हूँ की हमने  ईश्वर का अनुभव किया है और ये खबर भी ईश्वरीय  शक्ति को मानने वालो के लिए है.   

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